अंगारकी चतुर्थी पूजन विधि, व्रत विधि एवं कथा - (Angarki Chaturthi Pujan Vidhi, Vrat Vidhi and Katha)

प्रत्येक मास के दोनों पक्षों की चतुर्थी तिथि को गणेश जी का पूजन किया जाता है। शुक्ल-पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहलाती है। आषाढ़ मास की संकष्टी चतुर्थी १३ जून,२०१७ को है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी विघ्न बाधायें दूर होती है। यदि संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़े तो यह अति शुभकारक मानी गयी है। मंगलवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी को “अंगारकी चतुर्थी” कहते हैं। गणेश अंगारकी चतुर्थी का व्रत करने से पूरे साल भर के चतुर्थी व्रत के करने का फल प्राप्त होता है।
अंगारक (मंगल देव) के कठिन तप से प्रसन्न होकर गणेश जी ने वरदान दिया और कहा कि चतुर्थी तिथि यदि मंगलवार को होगी तो उसे अंगारकी चतुर्थी के नाम से जाना जायेगा। इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य के सभी काम बिना किसे विघ्न के सम्पूर्ण हो जाते हैं। भक्तों को गणेश जी की कृपा से सारे सुख प्राप्त होते हैं ।

पुजन सामग्री

1. गणेश जी की प्रतिमा
2. धूप
3. दीप
4. नैवेद्य(लड्डु तथा अन्य ऋतुफल)
5. अक्षत
6. फूल
7. कलश
8. चंदन केसरिया
9. रोली
10. कपूर
11. दुर्वा
11. पंचमेवा
12. गंगाजल
13. वस्त्र (2 – एक कलश के लिये- एक गणेश जी के लिये)
14. अक्षत
15. घी
16. पान
17. सुपारी
18. लौंग
19. इलायची
20. गुड़
21. पंचामृत (कच्चा दूध, दही,शहद, शर्करा, घी)

अंगारकी चतुर्थी पूजन विधि:-

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अंगारकी चतुर्थी पूजा विधान


ध्यानं –
दोनो हाथ जोड़कर हाथ में पुष्प लेकर गणेश जी का ध्यान करें । ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi उपर लिखे हुए मंत्र का उच्चारण करें और पुष्प श्री गणेश जी के चरणों में छोड़ दें ।

आवाहनं:-
हाथ में चावल लेकर दिये गये मंत्र को पढ़ते हुए श्री ग़णेश जी के चरणों मे चावल छोड़ दें ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi
आसनं:-
दाएँ हाथ मे पुष्प लें और दिये गये मंत्र का उच्चारण करते हुए ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi पुष्प गणेश जी पर छोड़ दें ।

पाद्यं:-
पंचपात्र में से एक चम्मच जल लेकर मंत्र का उच्चारण करें - ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi और यह जल मूर्ति के आगे या गणेश जी को समर्पित करें ।

अर्घ्यं-
एक अर्घा में गंध, अक्षत, पुष्प लेकर दिये हुए मंत्र को बोलते हुए - ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi अर्घ्य मूर्ति के आगे अथवा गणेश जी को समर्पित करें ।

आचमनं-
चम्मच में थोड़ा जल लेकर दिये हुए मंत्र को बोलते हुए - ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi यह जल श्री गणेश जी के चरणों मे छोड़ दें ।

स्नानं-
श्री गणेश जी के मूर्ति को को गंगाजल से स्नान करवाएं। एक पात्र में जल लेकर दिये हुए मंत्र को बोलते हुए –
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi स्नान के लिये श्री गणेश जी को जल समर्पित करें। फिर आचमन के लिये पुन: जल समर्पित करें ।

पंचामृत स्नानं-
एक पात्र में दूध, दही, घी, शहद, शर्करा (शक्कर) मिलाकर पंचामृत बनायें। अब इस पंचामृत को चम्मच में लेकर श्री गणेश जी को स्नान करायें और साथ मे मंत्र का उच्चारण करें ।
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शुद्धोदक-स्नान –
अब शुद्ध जल लेकर दिये हुए मंत्र को बोलते हुए -
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi शुद्ध जल से स्नान करायें।

वस्त्रं-
वस्त्र (वस्त्र ना हो तो मौली तोड़कर) हाथ में ले तथा मंत्र पढ़ते हुए –
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi वस्त्र समर्पित करें । आचमन के लिये जल समर्पित करें ।

उपवस्त्रं-
मौली तोड़कर हाथ में ले तथा मंत्र बोलते हुए श्री गणेश जी को उपवस्त्र समर्पित करें ।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi आचमन के लिये जल समर्पित करें

यज्ञोपवीतं
यज्ञोपवीत हाथ में ले तथा मंत्र बोलते हुए श्री गणेश जी को समर्पित करें ।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi आचमन के लिये जल समर्पित करें

गंधं-
एक पात्र में चंदन लें ।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi अनामिका अंगुली (दाएं हाथ की छोटी अंगुली के साथ वाली अंगुली ) से चंदन श्री गणेश जी को अर्पित करें ।

सिंदूरं-
हाथ मे सिंदूर की डिब्बी लें ।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi श्री गणेश जी को सिंदूर समर्पित करें ।

कुंकुमं (अबीर) -
एक पात्र में कुंकुम (गुलाल) लें ।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi श्री गणेश जी को कुंकुम समर्पित करें|

अक्षतं-
हाथ में साबुत चावल और थोड़ा चंदन लेकर मिलाएं।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi श्री गणेश जी को अक्षत समर्पित करें ।

पुष्पं-
पुष्प हाथ में लें ।मंत्र का उच्चारण करें -
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi पुष्प खड़े होकर समर्पित करना चाहिये ।

पुष्पमाला –
दोनों हाथों में पुष्पमाला लें । मंत्र का उच्चारण करें -
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi पुष्पमाला श्री गणेश जी को समर्पित करें ।

दूर्वादलं (दूब की गुच्छी)-
हाथ में दुर्वा लें । मंत्र का उच्चारण करते हुए श्री गणेश जी को दुर्वा समर्पित करें ।
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धूपं-
धूप जला कर धूप तैयार करें ।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi श्री गणेश जी को धूप समर्पित करें ।

दीपं—
श्री गणेश जी को दीपक मंगल कामना के साथ समर्पित करें ।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi अब आप शुद्ध जल से हाथ धो लें ।

नैवैद्यम्-
हाथ में लड्डु का पात्र लें तथा मंत्र उचारण कर श्री गणेश जी को समर्पित करें ।
ganesh chaturthi pujan vidhi and katha in hindi भोग अर्पित करके एक-एक चम्मच जल पाँच बार श्री गणेश जी को समर्पित करते हुए मंत्र बोलें।
1. ॐ प्राणाय स्वाहा
2. ॐ अपानाय स्वाहा
3. ॐ व्यानाय स्वाहा
4. ॐ उदानाय स्वाहा
5. ॐ समानाय स्वाहा
अब श्री गणेश जी को आचमन करायें ।

आचमनं-
चम्मच में जल ले कर मुख शुद्धि के लिये जल समर्पित करें ।
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ऋतुफलं –
मंत्र के साथ , फल समर्पित करें तथा आचमन के लिये जल समर्पित करें ।
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अखंड ऋतुफलं-
अखण्ड ऋतुफल (पंचमेवा) अर्पित करें तथा आचमन के लिये जल समर्पित करें।
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ताम्बूलं (पूंगीफल)
ताम्बूल (पान के पत्ते) को उल्टा करके उस पर लौंग,इलायची, सुपारी एवं कुछ मीठा रखें। दो ताम्बूल बनायें। मंत्र के साथ श्री गणेश जी मुख शुद्धि के लिये ताम्बूल अर्पित करें|
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द्र्व्यदक्षिणां-
श्रद्धानुसार पैसा- रूपया हाथ में लेकर मंत्र उच्चारण के साथ श्री गणेश जी को दक्षिणा अर्पित करें ।
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प्रार्थनां:- श्री गणेश
दोनों हाथ जोड़कर श्री गणेश जी को नमस्कार करते हुए मंत्र का उच्चारण करें -
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चंद्रमा पूजन:-
चंद्रमा के उदय होने पर चंद्रमा की पूजा कर अर्घ्य अर्पण करें। उसके बाद गणेश चतुर्थी की कथा सुने अथवा सुनाये। कथा सुनने के बाद आरती, मंत्र-पुष्पाञजलि एवं क्षमा प्रार्थना करें जो कि कथा के अंत मे विधि पूर्वक लिखी हुई है।

आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा प्रारम्भ Page 1/8

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