होली २०१७ - Holi 2017 (Rangwali Holi)

होली उमंग, मस्ती, प्यार, सौहार्द का प्रतीक है। होली का त्योहार फाल्गुन पूर्णिमा के अगले दिन यानी चैत्र के प्रथम तिथि। इस वर्ष होली १३ मार्च, २०१७ को है। होली के दिन से ही हिंदी पंचाग के अनुसार नये वर्ष का आरम्भ होता है। इसी तिथि को मनु का जन्म हुआ था। कामदेव जी का पुनर्जन्म भी इसी होली के दिन हीं हुआ था। भगवान विष्णु ने चैत्र प्रतिपदा तिथि को हीं नृसिन्ह अवतार के रूप में प्रकट होकर हिरण्यकश्यप का वध किया था।
इस प्रकार से होली मनाने के एक नहीं अनेकों कारण मौजूद हैं। होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। चौक-चौराहों पर सूखी लकड़ियाँ एकत्रित की जाती है। रात्रि को होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन के पहले होलिका पूजन करने का विधान है। होलिका की आग में नये गेहूँ और चने की बालियों को सेंक कर खाते हैं।
कई जगहों पर ऐसी मान्यता है कि होलिका दहन को नवविवाहित स्त्रियाँ नहीं देखती।
होली के रूप-रंग अलग-अलग प्रांतों में अलग-अलग हैं:-

वृन्दावन में भगवान श्री कृष्ण की होली (Vrindavan ki Holi)

यदि होली का आनंद लेना है तो एक बार वृन्दावन की होली जरूर देखें। हर गली- मुहल्ले, चौक-चौराहों, मंदिरों में सभी व्यक्ति रंगों में सराबोर रहते हैं। यहाँ एकादशी के दिन से हीं होली शुरु हो जाती है। भगवान श्री कृष्ण के सभी मंदिरों में होली प्रारम्म्भ हो जाती है। एकादशी के दूसरे दिन फूलों की होलीखेली जाती है। सभी मंदिरों में भक्तगण एक-दूसरे पर फूलों की बौछार करते हैं। सभी भक्तगण प्रेमेरूपी रंग में सराबोर होकर राधे-राधे गाते हैं। बांके बिहारी जी के मंदिर में यह होली सात दिनों तक चलती है। फूलों से, गुलाल से, सूखे रंग से, गीले रंग से बांके बिहारी मंदिर में होली मनाई जाती है। यहाँ पर श्रद्धालु घंटों लाईन में खड़े हो बिहारी जी के साथ होली का उत्सव मनाते हैं।

बरसाने की लठमार होली (Lathmar Holi of Barsana)

राधा जी के गाँव बरसाने में लठमार होली खेली जाती है। बरसाने की होली विश्व प्रसिद्ध है क्योंकि श्री कृष्ण जी की प्रेयसी इसी बरसाने की थी। यहाँ होली के पहले पुरुषों को खिलाया पिलाया जाता है। उसके बाद स्त्रियाँ डंडे से पुरुषों को मारती है और पुरुष अपना बचाव थाल के आकार के ढ़ाल से करते हैं। इसमें सावधानी रखी जाती है कि किसी को चोट न आये।

मथुरा की होली (Holi of Mathura)

मथुरा में बलदेव (दाऊजी) की होली प्रसिद्ध है। यहाँ पर स्त्रियाँ कपड़े के कोड़े बनाकर ग्वाल-बाल रूपी पुरुषों को मारती है। सभी सौहार्द पूर्वक एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। राधा- कृष्ण के मंदिरों की छवि हीं अलग दृश्य पेश करती है।।।

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होलाष्टक ॰५ मार्च, २॰१७ (रविवार) से १२ मार्च,२॰१७ (रविवार) { 05 March 2017 (Sunday) to 12 March 2017 (Sunday) ⇒.

सोमवती अमावस्या व्रत विधि, कथा एवं उद्यापन हिंदी में- हिंदी मास के अनुसार हर मास में अमावस्या आती है । लेकिन जब किसी भी माह में सोमवार के दिन अमावस्या तिथि पड़ती है तो उसे, सोमवती अमावस्या कहते हैं ।
Somvati Amavasya vrat vidhi and Katha in Hindi According to Hindi Calender Amavasya falls in every month. But when it comes on Monday it is called Somvati Amavasya.

वट सावित्री व्रत विधि, पूजन सामग्री एवं कथा हिंदी में- ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सावित्री का व्रत किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो भी स्त्री इस व्रत को करती है उसका सुहाग अमर हो जाता है।
Vat Savitri Vrat Katha and Pujan Vidhi in Hindi - Vat savitri falls on amavasya tithi of krishna paksha jyeshta month. The woman who did this Vrat has got immortal suhag.

अनंत चतुर्दशी व्रत विधि एवं कथा हिंदी में - अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान श्री हरि की पूजा की जाती है । यह व्रत भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है ।
Anant Chaturdashi Vrat Katha and Vidhi in Hindi- People Worshipped God vishnu on Anant Chaturdashi. It falls on fourth day of Shukla Paksha Bhadra Month.

करवा चौथ व्रत विधि एवं कथा - करवा चौथ का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत सुहागिन स्त्रियाँ अपने पति की लम्बी उम्र के लिये करती हैं।
Karwa Chauth vrat vidhi and katha in Hindi - Karvaa chauth celebrates on fourth day of waning moon in kaartik month. Married women keep this fast with benediction of her husband long life.

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