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प्रदोष व्रत की विधि एवं कथा
Pradosh Vrat Vidhi and Katha in Hindi

यह व्रत हिंदु तिथि के अनुसार तेरहवें दिन यानी त्रयोदशी को होता है। त्रयोदशी अथवा प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार आता है- एक शुक्ल पक्ष और दूसरा कृष्ण पक्ष । इस व्रत में भगवान महादेव की पूजा की जाती है। यह प्रदोष व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते है और उन्हें शिव धाम की प्राप्ति होती है।

प्रदोष व्रत का महात्म्य :-

त्रयोदशी अर्थात् प्रदोष का व्रत करने वाला मनुष्य सदा सुखी रहता है। उसके सम्पूर्ण पापों का नाश इस व्रत से हो जाता है। इस व्रत के करने से विधवा स्त्री को अधर्म से ग्लानि होती है और सुहागन नारियों का सुहाग सदा अटल रहता है, बंदी कारागार से छूट जाता है। जो स्त्री पुरुष जिस कामना को लेकर इस व्रत को करते हैं, उनकी सभी कामनाएं कैलाशपति शंकर जी पूरी करते हैं। सूत जी कहते हैं- त्रयोदशी व्रत करने वाले को सौ गऊ दान का फल प्राप्त होता है। इस व्रत को जो विधि विधान और तन, मन, धन से करता है उसके सभी दु:ख दूर हो जाते हैं।

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मंगल प्रदोष (भौम प्रदोष) विधि एवं कथा - क्लिक करें
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त्रयोदशी या प्रदोष व्रत तिथि , २०१७

१० जनवरी मंगलवार२५ जनवरी बुधवार०८ फरवरी बुधवार२४ फरवरी शुक्रवार१० मार्च शुक्रवार२५ मार्च शनिवार०८ अप्रैल शनिवार२४ अप्रैल सोमवार०८ मई सोमवार२३ मई मंगलवार०६ जून मंगलवार२१ जून बुधवार०६ जुलाई गुरुवार२१ जुलाई शुक्रवार०४ अगस्त शुक्रवार१९ अगस्त शनिवार०३ सितम्बर रविवार१७ सितम्बर रविवार०३ अक्टूबर मंगलवार१७ अक्टूबर मंगलवार०१ नवम्बर बुधवार१५ नवम्बर बुधवार०१ दिसम्बर शुक्रवार१५ दिसम्बर शुक्रवार३० दिसम्बर शनिवार

अलग-अलग वारों के प्रदोष व्रत को करने से प्राप्त फल:-

रवि प्रदोष-दीर्घ आयु और आरोग्यता के लिए रवि प्रदोष करना चाहिये।
सोम प्रदोष- ग्रह दशा निवारण कामना हेतु सोम प्रदोष करें।
मंगल प्रदोष(भौम प्रदोष) - रोगों से मुक्ति और स्वास्थ्य हेतु ।
बुध प्रदोष(सौम्यवारा प्रदोष)- सर्व कामना सिद्धि के लिए ।
बृहस्पति प्रदोष- शत्रु विनाश के लिए।
शुक्र प्रदोष(भुगुवारा प्रदोष)- सौभाग्य और स्त्री की समृद्धि ।
शनि प्रदोष- खोया हुआ राज्य व पद प्राप्ति एवं संतान कामना हेतु ।

सोमवती अमावस्या व्रत विधि, कथा एवं उद्यापन हिंदी में- हिंदी मास के अनुसार हर मास में अमावस्या आती है । लेकिन जब किसी भी माह में सोमवार के दिन अमावस्या तिथि पड़ती है तो उसे, सोमवती अमावस्या कहते हैं ।
Somvati Amavasya vrat vidhi and Katha in Hindi According to Hindi Calender Amavasya falls in every month. But when it comes on Monday it is called Somvati Amavasya.

वट सावित्री व्रत विधि, पूजन सामग्री एवं कथा हिंदी में- ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सावित्री का व्रत किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो भी स्त्री इस व्रत को करती है उसका सुहाग अमर हो जाता है।
Vat Savitri Vrat Katha and Pujan Vidhi in Hindi - Vat savitri falls on amavasya tithi of krishna paksha jyeshta month. The woman who did this Vrat has got immortal suhag.


अनंत चतुर्दशी व्रत विधि एवं कथा हिंदी में - अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान श्री हरि की पूजा की जाती है । यह व्रत भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है ।
Anant Chaturdashi Vrat Katha and Vidhi in Hindi- People Worshipped God vishnu on Anant Chaturdashi. It falls on fourth day of Shukla Paksha Bhadra Month.

करवा चौथ व्रत विधि एवं कथा - करवा चौथ का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत सुहागिन स्त्रियाँ अपने पति की लम्बी उम्र के लिये करती हैं।
Karwa Chauth vrat vidhi and katha in Hindi - Karvaa chauth celebrates on fourth day of waning moon in kaartik month. Married women keep this fast with benediction of her husband long life.

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